रविवार, 8 अगस्त 2010

पली सैल पल है! (Pixie on Tour )


मैं मम्मा के छात नानू के यहां आ गई हूं। नानू के पाछ छोते मामा मिले.. छोते मामा खूब प्याल कलते हैं। मम्मा बीमाल है। पापा ने फोन पर मुछसे बात की,पापा का मेले बिना मन नहीं लगता है। नानू के पाछ से फिल मैं अपने घल जाऊंगी... मेली दादी के पाछ... दादी के पाछ बले पापा, मम्मी, भैया, दीदी और फुआ मिलेंगे। छब लोग मेला इंतजाल कल लहे हैं। मैं छबछे मिलने के बाद छबका फोटो आपको दिखाऊंगी। बाय।