शुक्रवार, 5 नवंबर 2010

आज डबल धमाका

आप छब को दीपाली की ढेल साली बधाइयां। ये मेली महली दीपाली है। मेले लिए तो डबल धमाका है.. आज पप्पा और मम्मा ने मेला अन्नपल्लाछन (अन्नप्राशन) कलवाया। अब से मैं कुछ भी खा छकती हूं... दीपाली की मिठाई भी... न न अभी कुछ दिन औल... फिर छब कुछ खाउंगी। मैं दादी, दीदी, नानू-नानी, भैया, मामा, बले पप्पा औल बले मम्मी, बुआ छब को बहुत मिछ कल लही हूं। छब छाथ होते तो औल मजा आता.. है न?

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