सिद्धि मनभावनतुम आई तो गुलजार हो गया आंगन
सहरा था समंदर हो गया दामन
ममता और स्नेह का ऐसा हुआ उल्लास
जेठ की दोपहरी में मानो आ गया सावन
मुस्कान तेरी देखकर भूल जाता हूं गम अपने
तेरे लिए पल रहे हैं मेरी आंखों में कई सपने
देखकर तुम्हें पुलकित हो उठता है तन मन
बरसों इंतजार के बाद मिली 'सिद्धि' मनभावन।
तमन्ना
तितली बनकर आसमां में उड़ना
फूलों पर, पत्तों पर, शाखों पर रहना
खुश्बू बनकर छोड़ जाना अपनी महक
सांसों में घुलकर तुम प्राण बनकर रहना
भरना ऊंची उड़ान बुलंदियों तक
हमेशा खुद पर विश्वास रखना
कामयाबी मिलेगी कदम दर कदम
ऐसा तुम अपना अभिमान रखना
छोटा हो बड़ा हो चाहे कोई और
हर इंसान का तुम सम्मान रखना
मिटती जा रही है रिश्तों से खुशी
तुम अपने कर्तव्यों का ध्यान रखना
लड़खड़ाओ कभी जब राह में अपनी
तो हम पर भरोसा, हमारा मान रखना
हर तरफ फैले तुम्हारी 'सिद्धि'
तुम ऐसा अपना अंदाज रखना।
-'पा'

बहुत सुंदर पंक्तियाँ..... सिद्धि को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें ...स्नेह
जवाब देंहटाएंसिद्धि , हैप्पी बर्थ डे टू यूयूयूयू ......
जवाब देंहटाएंek pita kee taraf se isse badhiya abhivaadan kya hoga kisi bhi beti ke liye... mama hone ke rishte se dua karunga ki meri saari khushiyaan aur uplabdhiyaan bhi sidhee ko mile... jijaji bahut sundar panktiyaan hai...
जवाब देंहटाएं